Karak ki Paribhasha v unke bhed /(CASE)
कारक की परिभाषा व् उसके भेद-(CASE)
· कारक की परिभाषा व् उसके भेद-(CASE)
जो शब्द कर्ता
और कर्म का सम्बन्ध क्रिया के
साथ स्थापित करते हैं , वे कारक कहलाते हैं| कारक
-चिह्नों को परसर्ग कहा जाता है| आप इन्हे सम्बन्ध वाचक
अव्यय भी कह सकते हैं जैसे- ने,को, से, आदि|
कारक के भेद - ये आठ प्रकार के होते
हैं –
कारक परसर्ग
कर्ता - ने (NOMINATIVE CASE)
कर्म- को (OBJECTIVE CASE)
करण - से
(INSTRUMENTAL C)
सम्प्रदान-
के लिए (DATIVE CASE)
अपादान- से (अलग होने के अर्थ में )(ABLATIVE CASE)
सम्बन्ध- का,की,के, रा,री, रे,आदि
(POSSESSIVE CASE)
अधिकरण -में ,पर (LOCATIVE CASE)
सम्बोधन - अरे I हो I अजीI आदि (VOCATIVE CASE)
संस्कृत भाषा में सात या आठ विभक्तियाँ होती हैं इस
लिए कारक भी सात या आठ माने जाते हैं |
क्योंकि
प्रथमा विभक्ति और सम्बोधन विभक्ति एक जैसी होती हैं चूंकि हिंदी भाषा
संस्कृत भाषा से ही निकली है , इस लिए हिंदी भाषा में सात या आठ कारक माने जाते हैं|