Shiv Ji ki Aarti

श्री शिव जी की आरती

Shiv ji ki Aarti 58 views 23 Nov 2025

 

श्री शिव जी की आरती

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारं ।

सदा वसन्तं ह्रदयाविन्दे भंव भवानी सहितं नमामि ॥

 

जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा । ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

एकानन चतुरानन पंचांनन राजे । हंसासंन, गरुड़ासन, वृषवाहन साजे॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

दो भुज चारु चतुर्भज दस भुज अति सोहें । तीनों रुप निरखता त्रिभुवन जन मोहें॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

अक्षमाला, बनमाला, रुण्ड़मालाधारी । चंदन, मृदमग सोहें, भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघाम्बर अंगें । सनकादिक, ब्रम्हादिक, भूतादिक संगें ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

कर के मध्य कमड़ंल चक्र, त्रिशूल धरता । जगकर्ता, जगभर्ता, जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

ब्रम्हा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका । प्रवणाक्षर मध्यें ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रम्हचारी । नित उठी भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव ओंकारा......

त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावें । कहत शिवानंद स्वामी मनवांछित फल पावें ॥ ॐ जय शिव ओंकारा.....

जय शिव ओंकारा हर ॐ शिव ओंकारा।  ब्रम्हा विष्णु सदाशिव अद्धांगी धारा॥ ॐ जय शिव ओंकारा.....