Visheshan / Adjective

विशेषण

Visheshan / Adjective 52 views 26 Nov 2025

विशेषण

विशेषण - वे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, विशेषण कहलाते हैं जैसे - सुंदर, बुद्धिमान, उदास, कोमल आदि|

विशेषण के भेद- मुख्यतः विशेषण के चार भेद है -


1. गुणवाचक विशेषण

2.  संख्यावाचक विशेषण

3. परिमाण वाचक विशेषण

4.  संकेत वाचक विशेषण


 गुणवाचक विशेषण- जो शब्द संज्ञा, सर्वनाम आदि शब्दों के गुण, दोष,  आकार, अवस्था आदि वारे में अवगत कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं जैसे-


I राम साहसी थे|

ii भगत सिंह सच्चे देशभक्त थे|

iiiगरीब लोगों को सभी सताते हैं|

ivप्रातःकाल उठने से दिनचर्या ठीक रहती है|

v मेरा केक भूरे रंग का है और बड़ा है तथा कोमल है|

vi सोहन का कमरा लम्बा है|


यहाँ पर संज्ञा या सर्वनाम शब्दों के गुण, अवस्था, आकार, रंग के वारे में बताया गया है|

संख्यावाचक विशेषण- जो शब्द  किसी संज्ञा, या सर्वनाम शब्दों की संख्या या क्रम का बोध कराते हैं, वे संख्या वाचक विशेषण कहलाते हैं| ये दो प्रकार के होते है -

1. निश्चित संख्या वाचक विशेषण  जैसे -

गणना बोधक- एक, दो, तीन

क्रम बोधक- पहला, दूसरा, तीसरा

आवृति बोधक- दुगना, तिगुना, चौगुना

समूह बोधक- दोनों, तीनों, चारों

प्रत्येक बोधक- हर-रोज, प्रत्येक-दिन, प्रतिदिन, एक-एक,  हर-साल, प्रत्येक

अनिश्चित संख्यावाचक विशेषण- जैसे कुछ, बहुत, अधिक, कम आदि|


iमेरे पास बहुत धन है|                                                                         iii कक्षा में कुछ छात्र हैं|

ii आज बहुत सर्द मौसम  है|                                                               iv मेरे पास थोड़े पैसे हैं|


परिमाण वाचक विशेषण -जिन वस्तुओं को गिना नहीं जा सकता, केवल मापा जा सकता है, उन्हें परिमाण वाचक विशेषण कहते हैं  ये भी दो प्रकार होते हैं जैसे-

1.  निश्चित परिमाण वाचक विशेषण जैसे -

दस किलो चावल ,एक दर्जन केले, दस लीटर तेल, दो किलो दूध, पांच मीटर कपडा, पंद्रह किमी  आदि|

2. अनिश्चित परिमाण वाचक विशेषण -जैसे- थोड़े से चावल, कुछ केले, बहुत सारा तेल आदि|

  संख्या वाचक विशेषण और परिमाण वाचक विशेषण  में भिन्नता -

                        इन सब इकाइयों  को मापा जाता है| इनकी गिनती नहीं की जा सकती| यही अंतर है संख्या वाचक विशेषण और परिमाण वाचक विशेषण में|

सार्वनामिक / संकेत वाचक विशेषण-जब कोई विशेषण संज्ञा के साथ मिलकर उसकी विशेषता बताने लगता है या उसकी ओर  संकेत करने लगता है, तो उसे सार्वकालिक विशेषण कहते हैं जैसे-

iयह घर मेरा है| iiइस लड़के ने काम नहीं किया | iiiऐसे - वैसे  लड़कों से मैं बात नहीं करना चाहती|

सर्वनाम और सार्वनामिक विशेषण में अंतर -सर्वनाम हमेशा संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं जबकि सार्वनामिक विशेषण के ठीक बाद में संज्ञा शब्द प्रयुक्त होते हैं जैसे



सर्वनाम-

वह  खेलता है|

किसी ने आवाज़ दी|

कोई यहाँ आया|

वे सो रहे थे|

सार्वनामिक विशेषण -

वह बालक खेलता है|

किसी बालक ने आवाज़  दी|

कोई  व्यक्ति यहाँ आया|

वे लोग सो रहे|



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